उच्च शिक्षण संस्थानों में उत्पीड़न और भेदभाव के मामलों को लेकर विधायक डॉ. संदीप सौरभ ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का उत्पीड़न किसी का अधिकार नहीं हो सकता और शैक्षणिक परिसरों में समानता व गरिमा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। डॉ. सौरभ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) द्वारा जारी ‘UGC इक्विटी गाइडलाइन’ को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की।
उनका कहना है कि इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य कैंपस में समावेशी और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है, ताकि सामाजिक, आर्थिक या लैंगिक आधार पर किसी भी छात्र या कर्मचारी के साथ भेदभाव न हो। उन्होंने कहा कि यदि इक्विटी गाइडलाइन का पालन सख्ती से किया जाए, तो शिकायत निवारण तंत्र मजबूत होगा और पीड़ितों को न्याय मिल सकेगा। साथ ही, संस्थानों में संवेदनशीलता और जवाबदेही की संस्कृति विकसित होगी। डॉ. संदीप सौरभ ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की कि वे इन दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करें। उनका कहना है कि शिक्षा संस्थान केवल ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर के प्रतीक भी होने चाहिए।