मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवकों को हटाए जाने के मुद्दे पर विधायक डॉ. संदीप सौरभ ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि यदि स्वयंसेवकों की सेवाएं बिना स्पष्ट कारण समाप्त की जा रही हैं, तो यह न केवल प्रशासनिक प्रश्न है, बल्कि रोजगार से जुड़े व्यापक दावों पर भी सवाल खड़ा करता है।
डॉ. सौरभ ने उल्लेख किया कि सरकार एक ओर बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने के वादे कर रही है, वहीं दूसरी ओर पहले से कार्यरत कर्मियों को हटाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। हालांकि, इन मामलों में सरकार की ओर से क्या आधिकारिक कारण बताए गए हैं, यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने मांग की कि सांख्यिकी स्वयंसेवकों की सेवा समाप्ति से जुड़े सभी आदेश सार्वजनिक किए जाएं और यदि कहीं प्रक्रियात्मक त्रुटि हुई है, तो उसकी समीक्षा की जाए। उनका कहना था कि किसी भी निर्णय में पारदर्शिता और न्यायसंगत प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। डॉ. संदीप सौरभ ने कहा कि रोजगार के प्रश्न पर नीति और व्यवहार में सामंजस्य होना जरूरी है। अब इस विषय पर संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया और संभावित पुनर्विचार पर नजर बनी हुई है।