विधायक डॉ. संदीप सौरभ ने विधानसभा में जीविका योजना से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया। उन्होंने Initial Capitalisation Fund (ICF) से संबंधित कथित 1,000 करोड़ रुपये की अनियमितताओं के आरोपों पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। डॉ. सौरभ ने कहा कि यदि इस प्रकार की वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी पारदर्शी और स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों पर आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
जीविका (बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन समिति) के अंतर्गत कार्यरत कर्मियों के मुद्दे पर भी उन्होंने चिंता जताई। दुल्हिनबाजार प्रखंड में BCM द्वारा 10 जीविकाकर्मियों को कथित रूप से अकारण हटाए जाने के मामले को उन्होंने सदन में रखा और कहा कि यदि ऐसा हुआ है, तो इसकी समीक्षा की जानी चाहिए।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने जीविका स्टोर मैनेजर के वेतनमान में वृद्धि की मांग की। उनका तर्क था कि जमीनी स्तर पर काम कर रहे कर्मियों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप पारिश्रमिक मिलना चाहिए। डॉ. संदीप सौरभ ने कहा कि जीविका से जुड़े लाखों परिवारों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार को स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए। अब इस विषय पर सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।