बिहार में भूमिहीनों और गरीबों को उजाड़ने की साज़िशों तथा मनरेगा जैसी जीवनरक्षक योजना को कमजोर करने के प्रयासों के ख़िलाफ़ पटना ज़िले के मसौढ़ी में जिला स्तरीय कैडर कन्वेंशन का आयोजन किया गया। इस कन्वेंशन में बड़ी संख्या में खेत-खलिहान और ग्रामीण मज़दूरों ने भाग लिया और ज़मीन, रोज़गार व सम्मान से जुड़े सवालों पर गंभीर चर्चा हुई।
कन्वेंशन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था के किसी भी गरीब या भूमिहीन को उजाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मनरेगा को कमजोर करने, काम के दिनों में कटौती और भुगतान में देरी जैसे हमलों को गरीब-विरोधी बताते हुए इनके ख़िलाफ़ गाँव-गाँव में संगठित प्रतिरोध खड़ा करने का आह्वान किया गया।
इस संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए आगामी 2 फ़रवरी को पटना के गेट पब्लिक लाइब्रेरी में राज्य स्तरीय कैडर कन्वेंशन आयोजित करने का ऐलान किया गया। इस सम्मेलन में पूरे बिहार से कार्यकर्ता जुटकर जनविरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ निर्णायक संघर्ष की साझा रणनीति और आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे।