ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में अंचलटोला, खानपुरा–तारणपुर पंचायत में माँ मंशा इंटरप्राइजेज (पत्तल फैक्ट्री) का शुभारंभ किया गया। इस उद्योग की स्थापना से स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला, क्योंकि यह ना केवल गाँव के विकास का प्रतीक है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक कदम है। छोटे स्तर पर शुरू होने वाले ऐसे उद्यम धीरे-धीरे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में भूमिका निभाते हैं।
इस पहल से गाँव के युवाओं और महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। पत्तल निर्माण जैसे घरेलू उद्योग न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि कम पूँजी में शुरू किए जा सकने वाले व्यवसायों में शामिल हैं। इससे गाँव में ही उत्पादन और रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे, जिससे ग्रामीण युवाओं का पलायन कम होगा और वे अपने ही क्षेत्र में विकास की संभावनाओं को पहचान सकेंगे।
माँ मंशा इंटरप्राइजेज की शुरुआत यह दर्शाती है कि यदि इच्छाशक्ति और सामुदायिक सहयोग हो, तो गाँवों में भी उद्योग एवं रूज़गार के नए आयाम खोले जा सकते हैं। यह पहल अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत साबित होगी। उद्योग लगे, रोजगार बढ़े और गाँव मजबूत बने—इसी सोच के साथ यह कदम ग्रामीण आत्मनिर्भरता के मार्ग को सुदृढ़ करता है।