बिहार चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, जहाँ विपक्ष ने सरकार पर चुनाव की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कई चरणों में आचार संहिता का पालन नहीं हुआ और सत्ता पक्ष ने प्रशासनिक तंत्र पर अपनी मज़बूत पकड़ बनाए रखी। इसके कारण, उनके अनुसार, चुनाव का वातावरण एकतरफ़ा दिखाई दिया।
सदन में भी इस मुद्दे ने जोर पकड़ा, जहाँ विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग ने निष्पक्षता और पारदर्शिता के मानकों को बनाए नहीं रखा। उनका आरोप है कि चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाली कई गतिविधियों को नज़रअंदाज़ किया गया, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर अविश्वास बढ़ा। इस बहस ने संसद में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव को और तीखा कर दिया।
दूसरी ओर, सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र, शांतिपूर्ण और पारदर्शी था। सरकार का दावा है कि विपक्ष चुनावी हार को स्वीकार नहीं कर पा रहा और इसी वजह से प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते इस मतभेद ने बिहार चुनाव को राष्ट्रीय राजनीतिक बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है।