दुल्हिनबाजार प्रखंड मुख्यालय पर आज भूमिहीनों के हक़ में ज़ोरदार उभार देखने को मिला। भाकपा(माले) के नेतृत्व में सैकड़ों गरीब और भूमिहीन परिवार सड़कों पर उतरे और सरकार की गरीब-विरोधी नीतियों के खिलाफ़ आवाज़ बुलंद की। हाल ही में अख़बारों में प्रकाशित तथाकथित ‘अतिक्रमण-मुक्त’ गाँवों की सूची ने वर्षों से बसे परिवारों के बीच भय और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था और पुनर्वास के उजाड़ने की कार्रवाई अमानवीय है और संविधान में निहित सम्मानपूर्वक जीवन के अधिकार का खुला उल्लंघन है। सरकार द्वारा भूमिहीनों को 5-5 डिसिमल ज़मीन देने की घोषणा आज तक ज़मीन पर लागू नहीं हुई, जबकि अब उल्टे बुलडोज़र चलाने की तैयारी की जा रही है। आंदोलनकारियों ने इसे गरीबों को बेदखल करने की साज़िश करार दिया।
इस आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए भाकपा(माले) ने ऐलान किया कि कल पालीगंज प्रखंड में भी इसी मुद्दे पर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी ने साफ़ कहा है कि बिना बसाए किसी भी गरीब परिवार को उजाड़ने नहीं दिया जाएगा और बुलडोज़र राज’ के खिलाफ़ संघर्ष और तेज़ किया जाएगा। यह आंदोलन पूरे बिहार में भूमिहीनों के अधिकारों की लड़ाई को नई मजबूती दे रहा है।