इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में उठी जनआक्रोश की आवाज़ न्याय और इंसाफ़ की माँग को केंद्र में रखती प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से दोषियों की तत्काल गिरफ़्तारी, उन्हें कड़ी सज़ा और पीड़ित परिवार को न्याय व सुरक्षा देने की माँग रखी। यह संघर्ष बताता है कि जनता चुप रहने को तैयार नहीं है और अन्याय के ख़िलाफ़ एकजुट होकर खड़ी है।
यह आंदोलन केवल एक मामले तक सीमित नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और इंसानियत की रक्षा की व्यापक लड़ाई है। नफ़रत और हिंसा के विरुद्ध सड़क से सदन तक आवाज़ बुलंद करने का संकल्प दोहराया गया है। यह जनआंदोलन इस विश्वास को मज़बूत करता है कि न्याय, समानता और भाईचारे के मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा, चाहे चुनौतियाँ कितनी ही बड़ी क्यों न हों।