छात्रों की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता
- By
- Dr Sandeep Saurav
- July-24-2026
आज पटना की सड़कों पर युवाओं और छात्रों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। गांधी मैदान से राजभवन तक निकाले गए मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-युवाओं ने अपनी आवाज़ बुलंद की।
लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों पर बल प्रयोग, लाठीचार्ज, वाटर कैनन और टियर गैस का इस्तेमाल बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतंत्र में संवाद और संवेदनशीलता ही समस्याओं का समाधान है, दमन नहीं।
छात्रों की आवाज़ को सुना जाए, उनकी लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का सम्मान किया जाए और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाए।
युवा शक्ति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। उनकी आवाज़ का सम्मान लोकतंत्र की पहचान है।